यूपीएससी मुख्य परीक्षा में दर्शन, दृष्टिकोण काे परखा
लखनऊ, । संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2026 के पहले दिन शुक्रवार को निबंध का प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों की रटी-रटाई जानकारी के बजाय उनकी दार्शनिक सोच, दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता और विपरीत तर्कों को समझने की क्षमता परखने वाला रहा।
निबंध के प्रश्नपत्र में दो खंडों में कुल आठ विषय दिए गए थे। अभ्यर्थियों को प्रत्येक खंड से एक-एक विषय चुनकर 1000 से 1200 शब्दों के दो निबंध लिखने थे। प्रत्येक निबंध 125 अंक का था और पूरा प्रश्नपत्र 250 अंकों का रहा। प्रश्नपत्र में विरोधाभास, कृतज्ञता, प्रकृति, संघर्ष, शिक्षा, निर्णय और नेतृत्व जैसे विषयों को दार्शनिक अंदाज में रखा गया। ‘कांटा, कली का बदला रूप है’, ‘एक अच्छे शिक्षित दिमाग में हमेशा उत्तर से अधिक प्रश्न होंगे’ और ‘उत्तम नेता वह है जो अपने अनुयायियों का अनुसरण करता है’ जैसे विषयों ने अभ्यर्थियों को कथनों के अर्थ से आगे जाकर सोचने की चुनौती दी।
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