उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सम्मिलित राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) प्रारंभिक परीक्षा 2024 को दो दिन में कराने की तैयारियों के बीच सोमवार को प्रतियोगी छात्रों का आक्रोश उबल पड़ा। दो दिन परीक्षा होने पर नॉर्मलाइजेशन के नाम पर गड़बड़ी से आशंकित सैकड़ों अभ्यर्थियों ने आयोग के गेट नंबर दो पर जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
आयोग के सचिव अशोक कुमार ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर साफ किया कि अभी आयोग ने दो दिन परीक्षा का कोई निर्णय नहीं लिया है। अभी जिलों से शासनादेश के अनुसार मानक केंद्रों की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद स्थिति साफ होगी की परीक्षा एक दिन में कराई जाएगी या दो दिन में, इसकी जानकारी भी छात्रों को दी जाएगी। छात्रों ने मांग किया कि पीसीएस 2024 और आरओ/एआरओ 2023 प्रारंभिक परीक्षा एक शिफ्ट में दिसंबर में आयोजित की जाए। मानक में परिवर्तन करके केंद्रों की दूरी जिला मुख्यालय से दस की बजाय 20 किलोमीटर की जाए, ताकि समुचित संख्या में केंद्र मिल सकें। परीक्षा किसी भी हाल में दिसंबर से आगे न जाए।
छात्रों का तर्क है कि जब परीक्षाएं कई शिफ्ट में आयोजित की जाती हैं, तो अक्सर प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में एक कथित या वास्तविक अंतर होता है, जिससे उम्मीदवारों के बीच अनुचितता की भावना पैदा हो सकती है।
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