गाजीपुर, पहली बार परिषदीय विद्यालयों की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसके आधार पर जहां उनमें विकास कार्य कराया जाएगा। इसी के अनुसार पठन-पाठन भी कराया जाएगा। तीन वर्षीय विद्यालय विकास योजना तैयार करने के लिए प्रधानाध्यापक स्कूल प्रबंध समिति के साथ बैठक कर इसके प्रारूप पर चर्चा करेंगे। हर वर्ष समीक्षा कर इसे अपडेट किया जाएगा।
प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। इसके तहत अभी परिषदीय विद्यालयों में हर वर्ष कार्ययोजना बनाकर काम किया जा रहा है। जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में व्यापक कार्ययोजना बनाकर काम करने का लक्ष्य दिया गया है। इसी के तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी परिषदीय विद्यालयों में तीन वर्षीय विद्यालय विकास योजना तैयार कर निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए काम करने का निर्देश दिया है। यह कार्ययोजना 2025-26, 2026-27 और 2027-28 के लिए बनेगी। इसे तैयार करने के लिए अलग-अलग स्तर निर्धारित हैं। राज्य स्तर पर इस योजना का प्रारूप तैयार कर इसे भेजा जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी सभी प्रधानाध्यापकों को इसे उपलब्ध कराएंगे। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता इसके लिए सभी बीईओ के साथ बैठक कर उनकी क्षमता विकास करेंगे। वह प्रधानाध्यापक के साथ बैठक कर इस बारे में जानकारी देंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने निर्देश दिया है कि प्रधानाध्यापक स्कूल प्रबंध समिति के साथ बैठक कर इसके प्रारूप पर चर्चा करेंगे। विकास योजना बनाकर निर्धारित तिथि तक बीईओ को देंगे। बीईओ इसे अनुमोदित कराकर ब्लॉक स्तर से 30 जनवरी तक पोर्टल पर डाटा एंट्री करेंगे।
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