लखनऊ। प्रदेश में अशासकीय प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल की मान्यता में गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए व्यवस्था ऑनलाइन की गई। अब इन विद्यालयों के लिए यह ऑनलाइन व्यवस्था ही भारी पड़ रही है। हालत यह है कि लगभग दो महीने से 427 प्रकरण लंबित हैं। इस पर विभाग ने नाराजगी जताते हुए विभागीय अधिकारियों को इसके जल्द निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को नई मान्यता देने के लिए सभी कार्यवाही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। नए सत्र 2025-26 में मान्यता के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2024 थी। नियमानुसार सभी आवेदनों को 31 जनवरी तक निस्तारित किया जाना था। लेकिन, मंडल व जिला स्तर पर ही अभी सैकड़ों मामले लंबित हैं। इस पर विभाग ने कड़ी नाराजगी जताई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर शिक्षा निदेशक गणेश कुमार ने
सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक व बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि मान्यता पोर्टल पर 427 मामले लंबित हैं। इसमें अलीगढ़ के 49, बस्ती के 30, अमेठी के 10, सहारनपुर के 44, वाराणसी के 33, सिद्धार्थनगर के 31, एटा के 23, लखनऊ के 21, सुल्तानपुर के 9 और बदायूं के 9 मामले शामिल हैं।
उन्होंने कहा है कि लंबित प्रकरणों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा है कि मान्यता के प्रकरणों की समीक्षा 25 फरवरी को बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा ऑनलाइन की जाएगी। वहीं विद्यालय प्रबंधकों का कहना है कि जिला स्तर पर जान बूझकर मान्यता के प्रकरण लंबित रखे जा रहे हैं। इसके लिए विभागीय बाबू इधर-उधर घुमा रहे हैं।
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