लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्रा भी आधुनिक तकनीकी से न सिर्फ पढ़ाई कर रहे हैं बल्कि अत्याधुनिक चीजों से वह करके सीखेंगे भी। लर्निंग बाई डूइंग कार्यक्रम के तहत परिषदीय विद्यालयों के छात्र- छात्रा टेलीस्कोप, एलईडी टार्च, सोलर कूकर आदि बनाना सीखेंगे। इसके लिए पहले चरण में 1772 विद्यालयों में लैब बनाई जाएगी।
परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के साथ-साथ स्मार्ट तकनीकी से पठन-पाठन पर फोकस होकर काम किया जा रहा है। इसी के तहत जहां स्मार्ट क्लास आदि की स्थापना की गई है। वहीं अब अत्याधुनिक संसाधानों से युक्त लैब भी स्थापित की जाएगी। इसमें लर्निंग बाई डूइंग योजना सहयोगी साबित होगी। योजना के तहत विद्यालयों में लैब स्थापित करने व आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए प्रति विद्यालय 14480 का बजट स्वीकृत किया गया है।
इस लैब के माध्यम से छात्र-छात्राओं को
दूरदर्शी टेलीस्कोप बनाना, एलईडी टार्च बनाना, सोलर कूकर बनाना, तेल का दीपक बनाना, मिट्टी व पानी परीक्षण, गुड व मूंगफली की चिक्की, तिल गुड के लड्डू, मोबाइल प्रोजेक्टर बनाना, उपयोगी मॉडल बनाना, डस्टर बनाना, प्लास्टिक बोतल में पौधे लगाकर किचेन गार्डन तैयार करने आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी बीएसए को इससे संबंधित निर्देश जारी करते हुए जल्द से जल्द लैब की स्थापना कर आवश्यक कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।
विद्यांजलि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन 31 तक
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों को केंद्र सरकार के विद्यांजलि पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 31 जनवरी तक होंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के उप शिक्षा निदेशक संजय कुमार उपाध्याय ने यह जानकारी दी। ब्यूरो
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