भीषण गर्मी के बीच जहां छात्रों को राहत देते हुए स्कूल से दोपहर 12:30 बजे छुट्टी दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के लिए 1:30 बजे तक विद्यालय में रुकना अनिवार्य कर दिया गया है। इस फैसले को लेकर शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है।
शिक्षकों का कहना है कि जब तेज गर्मी में बच्चों को राहत दी जा सकती है, तो शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था क्यों नहीं? क्या प्रशासन को लगता है कि शिक्षकों के पास गर्मी से बचने के लिए कोई विशेष “इनबिल्ट एसी” होता है?
हालांकि आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस व्यवस्था में शिक्षकों की सेहत और सुविधा का ध्यान रखा गया है?
🔥 गर्मी के इस दौर में यह फैसला अब चर्चा का विषय बन गया है—
राहत छात्रों को, लेकिन जिम्मेदारी शिक्षकों पर!
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