लखनऊ। प्राथमिक स्कूलों के विलय मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में मुख्य न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में विशेष अपीलों पर सुनवाई बुधवार को भी जारी रही। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष विशेष अपीलों पर राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिवक्ताओं की बहस चली। याचियों के अधिवक्ता बहस कर चुके हैं। दोनों पक्षों के वकीलों ने दलीलों के समर्थन में नजीरें भी पेश कीं।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को नियत की है।
पहली विशेष अपील 5 बच्चों ने और दूसरी 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिये दाखिल की है। इनमें स्कूलों के विलय के मुद्दे पर एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई है।
याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एलपी मिश्र व अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलीलें दीं। राज्य सरकार की ओर से अपर
महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया, मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ बहस की।
राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने दलील दी कि विलय की कार्यवाही संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए बच्चों के हित में की जा रही है। सरकार ने ऐसे 18 प्राथमिक स्कूलों का हवाला दिया जिनमें एक भी विद्यार्थी नहीं है। कहा, ऐसे स्कूलों का पास के स्कूलों में विलय करके शिक्षकों और अन्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जाएगा। सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिहाज से ऐसे स्कूलों के विलय का निर्णय लिया है। संवाद
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