एनपीएस अंशदान में देरी पर हर्जाना
नई दिल्ली, केंद्रीय कर्मचारियों के एनपीएस खाते में मासिक अंशदान जमा करने में हो रही देरी पर वित्त मंत्रालय ने सख्ती दिखाई है। मंत्रालय ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि यदि प्रशासनिक लापरवाही के कारण एनपीएस खाते में रकम जमा होने में देरी होती है, तो संबंधित विभाग को कर्मचारी को इसका हर्जाना (ब्याज) देना होगा।
साथ ही इस वित्तीय नुकसान की भरपाई दोषी अधिकारियों की जेब से की जाएगी। मंत्रालय के व्यय विभाग ने हाल ही में एनपीएस अंशदान जमा करने से जुड़े नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि अंशदान तय समय सीमा के बाद खाते में जमा होता है, तो उसे निर्धारित देरी की पूरी अवधि का ब्याज दिया जाएगा। यह ब्याज लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) की मौजूदा ब्याज दर के बराबर होगा, जो अभी 7.1 फीसदी है।
मंत्रालय ने सभी विभागाध्यक्षों और मुख्य लेखा नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे एनपीएस खाता खोलने, अंशदान की कटौती या कर्मचारी के पेंशन खाते में राशि जमा करने में हुई हर देरी की जांच करें और यह तय करें कि इसके लिए कौन अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






