मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ। गर्म हवा और झुलसा देने वाली धूप से शनिवार को यूपी के 31 शहरों में तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहा। छह शहरों में 44 डिग्री से ज्यादा रहा। बांदा में दिन का तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। प्रयागराज में 45.5, वाराणसी में 45 डिग्री और लखनऊ में सीजन का सर्वाधिक पारा 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 27 के बाद ही विक्षोभ तपिश का सिलसिला तोड़ेगा।
आईएमडी लखनऊ के अनुसार बांदा में वर्ष 2022 की 30 अप्रैल को शनिवार जितना ही तापमान रहा था। इसके पूर्व कभी बांदा में पारा इतना ऊपर तक नहीं गया। अप्रैल के दौरान 1979 की 29 तारीख को 46.7 और 1993 की 28 अप्रैल को 46.4 तापमान बांदा में दर्ज किया गया था। इस तपिश की वजह हवा के निचले क्षोभ मंडल में आ रही गर्म पछुआ हवा है। इसको आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव का साथ मिल रहा है। तापमान में हो रही बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप प्रदेश में चल रही लू की तीव्रता और दायरा बढ़ गया। पश्चिमी यूपी के मेरठ, आगरा, शाहजहांपुर, जालौन, बरेली मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ के अलावा पूर्वांचल के बलिया, वाराणसी, बांदा और प्रयागराज में लू दर्ज की गई।
आगरा से लखनऊ तक बढ़ी तपिश : शनिवार को झांसी में 44.8 डिग्री अधिकतम पारा दर्ज किया गया। आगरा में 44.5, हमीरपुर में 44.2, फुर्सतगंज में 44, सुलतानपुर में 44.1, चुर्क में 43.4, कानपुर शहर में 43, बाराबंकी में 43.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लखनऊ में 42.9 डिग्री तापमान के साथ सीजन का सबसे गर्म दिन रहा।
अप्रैल में गर्मी का सितम जारी है। शनिवार को इस सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। 45.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रयागराज प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बांदा 47.4 डिग्री के साथ पहले स्थान पर रहा।
चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में 0.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं शुक्रवार रात का न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि गुरुवार की रात का तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस था। यानी 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रयागराज का तापमान इस सीजन का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। 15 से 23 अप्रैल तक अधिकतम तापमान जहां 43 से 44 डिग्री के बीच था, वहीं 24 और 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। तेज धूप और लू से शनिवार को सुबह 11 बजे से सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। सड़कों पर निकलने वाले लोग सिर से पांव तक खुद को ढंककर चलने को मजबूर हो गए। तेज धूप व गर्म हवाओं से बचने के लिए लोग छांव खोजते रहे। चौराहों पर लोग कपड़े से चेहरा ढंककर लू से बचने की कोशिश करते रहे। बाजारों में भीड़ सामान्य दिनों की अपेक्षा कम रही।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले पांच-छह दिनों में राहत की कोई उम्मीद नहीं है। बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का असर व्यापक रूप से बना हुआ है। 26 और 27 अप्रैल को भी लू चलने के आसार हैं। लोगों का कहना है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जिस तरह से गर्मी पड़ रही है उससे मई और जून में गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ेगी।
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