📰 डिजिटल जनगणना में बड़ा बदलाव: सुपरवाइजर के मोबाइल में नहीं रहेगा डेटा, 6-लेयर सुरक्षा लागू
देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल मोड में होने जा रही जनगणना को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब जनगणना का डेटा सुपरवाइजर या किसी कर्मचारी के मोबाइल में स्टोर नहीं रहेगा, बल्कि हर एंट्री के बाद वह सीधे सुरक्षित सर्वर पर अपलोड हो जाएगा। इसका उद्देश्य डेटा सुरक्षा को मजबूत करना और लीक की आशंका को खत्म करना है।
📌 ‘नो लोकल स्टोरेज’ मॉडल क्या है?
इस नई व्यवस्था के तहत:
- किसी भी कर्मचारी या सुपरवाइजर के मोबाइल में डेटा सेव नहीं होगा
- जैसे ही नेटवर्क उपलब्ध होगा, डेटा ऑटोमैटिक सर्वर पर अपलोड हो जाएगा
- मोबाइल में डेटा अस्थायी रूप से भी स्टोर नहीं रहेगा
- पूरी प्रक्रिया एक विशेष ऐप के जरिए होगी
🔐 6-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
सरकार ने डेटा सुरक्षा के लिए 6 स्तर की मजबूत व्यवस्था लागू की है:
- डेटा किसी दूसरे डिवाइस में मैन्युअली ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा
- नेटवर्क मिलते ही डेटा स्वतः सर्वर पर जाएगा
- मोबाइल में डेटा का कोई स्थायी रिकॉर्ड नहीं रहेगा
- एक्सेस केवल ऑथराइज्ड लॉगिन से ही संभव होगा
- अंतिम स्टोरेज सरकारी सुरक्षित सर्वर पर होगा
- डेटा लीक होने की संभावना को न्यूनतम किया गया है
👨💼 हर कर्मचारी के जिम्मे 200 परिवार
- प्रत्येक जनगणना कर्मचारी को औसतन 200 परिवारों की जिम्मेदारी दी गई है
- रोजाना 20 घरों की एंट्री का लक्ष्य तय किया गया है
- इसके लिए कर्मचारियों को विशेष ऐप और प्रशिक्षण दिया गया है
- जनगणना का अगला चरण फरवरी में प्रस्तावित है
📱 कैसे होगी डेटा एंट्री?
- कर्मचारी घर-घर जाकर मोबाइल ऐप में जानकारी दर्ज करेंगे
- एंट्री के समय इंटरनेट बंद भी रखा जा सकता है
- नेटवर्क आते ही डेटा स्वतः अपलोड हो जाएगा
- इसके बाद मोबाइल में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं रहेगी
⚠️ डेटा सुरक्षा पर सरकार का फोकस
अधिकारियों के अनुसार:
- भले ही कोई डिवाइस अनधिकृत रूप से एक्सेस हो जाए,
तब भी उसमें नागरिकों का निजी डेटा उपलब्ध नहीं होगा - क्लाउड आधारित सिस्टम से डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा
- फील्ड में काम करने वाले ऐप्स की एक्सेस भी सीमित होगी
🧾 क्या है इस बदलाव का मकसद?
- डेटा लीक और साइबर हमलों के खतरे को कम करना
- जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना
- डिजिटल सिस्टम के जरिए तेज और सुरक्षित डेटा संग्रह करना
डिजिटल जनगणना के इस नए मॉडल से साफ है कि सरकार अब डेटा सुरक्षा और तकनीकी मजबूती पर विशेष ध्यान दे रही है। “नो लोकल स्टोरेज” और 6-लेयर सिक्योरिटी जैसे कदम न केवल नागरिकों की निजी जानकारी को सुरक्षित बनाएंगे, बल्कि जनगणना प्रक्रिया को भी अधिक विश्वसनीय और आधुनिक बनाएंगे।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





