परिषदीय स्कूलों में पुरानी SMC होंगी भंग, नए सिरे से होगा गठन
बरेली। जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समितियों (एसएमसी) का नए सिरे से गठन किया जाएगा। राज्य शिक्षा परियोजना की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को एसएमसी के पुनर्गठन के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत वर्तमान समितियों को भंग कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप नई एकीकृत विद्यालय प्रबंध समिति गठित की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत बाल वाटिका से कक्षा 12 तक के विद्यालयों के लिए एकीकृत एसएमसी का गठन ग्रामसभा के माध्यम से किया जाएगा। छात्रों की संख्या के आधार पर समिति में 15, 20 या 25 सदस्य होंगे। इनमें 75 प्रतिशत सदस्य विद्यार्थियों के अभिभावक होंगे, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत महिला सदस्यों की भागीदारी अनिवार्य रखी गई है।
अभिभावकों के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद
एसएमसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद केवल अभिभावक सदस्यों के लिए आरक्षित होंगे। कोई भी व्यक्ति लगातार दूसरी बार समिति का अध्यक्ष नहीं बन सकेगा। नई समिति का कार्यकाल दो वर्ष निर्धारित किया गया है।
स्कूल विकास में बढ़ेगी समिति की भूमिका
नई एसएमसी को विद्यालय अनुदान, विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों में पहले की अपेक्षा अधिक जिम्मेदारियां दी जाएंगी। समिति विद्यालय की तीन वर्षीय विकास योजना तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वित्तीय लेन-देन प्रधानाध्यापक और एसएमसी अध्यक्ष के संयुक्त खाते के माध्यम से किया जाएगा।
हर माह होगी बैठक
समिति की मासिक बैठक अनिवार्य होगी। इसके माध्यम से विद्यालय के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ अभिभावकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। जिला स्तर पर प्रक्रिया शुरू होने के बाद ब्लॉक स्तर पर विद्यालयों में एसएमसी का गठन कराया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से विद्यालय प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता मजबूत होगी और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार आएगा। बीएसए डॉ. विनीता ने बताया कि निदेशालय स्तर से प्राप्त होने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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