एटा। शहर के मोहल्ला श्याम नगर निवासी ठाकुरदास ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी है। बताया कि उनका बेटा केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 4 का छात्र है। 21 नवंबर को विद्यालय में उसके पैर पर किसी तरह बेंच गिर गई, जिससे फ्रैक्चर हो गया। दर्द से करहाने के बावजूद शिक्षक उसे बैठाए रहे। न कोई इलाज दिया गया और न ही हम लोगों को सूचना ही दी।
ठाकुरदास का आरोप है कि 21 नवंबर को बेटा कक्षा कक्ष में बैठा हुआ था। कुछ बच्चे शोर-शराबा कर रहे थे। तभी किसी तरीके से एक बेंच बेटे के पैर पर गिर गई। जिससे उसको चोट लग गई और वह दर्द से कराहने लगा। बेटे ने कक्षा में आए अध्यापक से कहा तो उन्होंने उसकी बात नहीं सुनी। विद्यालय की छुट्टी होने के बाद अन्य बच्चों ने किसी तरह उसे सहारा देकर दूसरी मंजिल से नीचे उतारा और वह घर पहुंचा। उसको लेकर हम लोग चिकित्सक के पास गए। एक्स-रे कराया तो मालूम पड़ा कि पैर में फ्रैक्चर है। अगले दिन विद्यालय के प्रधानाचार्य से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता।
आरोप है कि विद्यालय के संवेदनहीन अध्यापक और स्टाफ के चलते पहले भी पीटी के दौरान काफी बच्चे बेहोश हो गए थे। वहीं मेरे बच्चे के साथ भी इस प्रकार की घटना हुई है जो कि इन लोगों की भाव शून्यता को दिखाती है। विद्यालय प्रधानाचार्य शारदा सरन ने बताया कि इस प्रकार के आरोप लगाना गलत है। बच्चे ने किसी भी अध्यापक को परेशानी के बारे में नहीं बताया था। शिकायत के बाद घटना की जांच करा रहे हैं, जो भी चीजें निकलकर सामने आएंगी उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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