नई दिल्ली, एजेंसी। जनगणना में आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न पूछने वाले अधिकारी को दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा हो सकती है। जनगणना आयुक्त द्वारा जारी पत्र में यह कहा गया है।
सभी राज्यों को भेजे गए एक पत्र में जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत निर्धारित दंडों की सूची दी है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 1,000 रुपये के जुर्माने से लेकर तीन साल तक का कारावास या दोनों हो सकता है। इस आदेश में कहा गया है कि यदि कोई जनगणना अधिकारी जानबूझकर कोई आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न पूछता है अथवा केंद्र या राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना जनगणना के दौरान प्राप्त किसी भी जानकारी का खुलासा करता है, तो उसे दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा हो सकती है।
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