लखनऊ। सपा की मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर स्कूल मर्जर की नीति की समीक्षा कर मर्जर रद्द करने की मांग की है। सांसद प्रिया सरोज ने अपने पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में विद्यालयों के एकीकरण की नीति शिक्षा का अधिकार अधिनियम की मूल भावना के प्रतिकूल प्रतीत होती है।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम में प्रावधान है कि 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को उसके निवास स्थान से समीपतम दूरी प्राथमिक विद्यालय से एक किलोमीटर के भीतर पर निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराई जाए और एक किलोमीटर की परिधि में कोई विद्यालय उपलब्ध नहीं है, तो सरकार का यह उत्तरदायित्व है कि वह समीपवर्ती विद्यालय में बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित कराए। परंतु उत्तर प्रदेश सरकार की 50 या उससे कम नामांकित छात्रों वाले विद्यालयों को मर्ज करने की वर्तमान नीति इस अधिनियम की भावना को आघात पहुंचा रही है। इसके चलते वे विद्यालय, जो बच्चों के घर के समीप स्थित थे, अब बंद या एकीकृत कर दिए गए हैं, जिससे बच्चों को काफी दूरस्थ विद्यालयों में जाना पड़ रहा है। इससे अनेक बच्चों के लिए विद्यालय तक पहुंच बाधित हो रही है, जिससे राज्य में ड्रॉपआउट दर में वृद्धि देखी जा रही है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के 2.5 लाख शिक्षक और स्कूल स्टाफ की नौकरी को भी खतरा है।
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