कानपुर : आयकर रिटर्न फाइल कर चुके करदाता देख लें कि वे ई-सत्यापन कर चुके हैं या नहीं। अगर ऐसा नहीं हुआ है तो 31 अगस्त तक वे रिटर्न के सत्यापन की जानकारी मैनुअल तरीके से बेंगलुरु के केंद्रीय प्रोसेसिंग केंद्र भेज दें।
ऐसा होने पर ही उनका रिटर्न मान्य होगा। करदाता रिटर्न फाइल करते समय ही ई-सत्यापन भी वन टाइम पासवर्ड से कर लेते हैं। कई मौकों पर यह भी होता है कि करदाता रिटर्न तो भर देता है, लेकिन ई-सत्यापन नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आयकर विभाग ने 31 जुलाई के बाद एक माह का समय दिया हुआ है। इस दौरान करदाता यह चेक कर सकता है कि वह वास्तव में ई-सत्यापन कर पाया है या नहीं। कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संतोष गुप्ता के मुताबिक, करदाता ने जिस समय रिटर्न फाइल करते समय स्क्रीन पर एक््नालेजमेंट आया होगा। यह सत्यापन फार्म होता है। इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकालें और हस्ताक्षर कर ब्रेंगलुरु स्थित केंद्रीय प्रोसेसिंग केंद्र भेज दें। 31 अगस्त तक यह फार्म मैनुअल तरीके से पहुंच जाना चाहिए। ऐसा न होने पर माना जाएगा कि करदाता ने रिटर्न फ़ाइल नहीं किया। ऐसी स्थिति में करदाता को विलंब शुल्क के साथ रिटर्न फाइल करना होगा। सत्यापन इसलिए कराया जाता है ताकि कोई करदाता यह न कहे रिटर्न उसने फाइल नहीं किया है।
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