‘शिक्षण पद्धतियों में कला का समावेश बेहद महत्वपूर्ण’

primarymaster.in


 पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय वायु सेना स्थल मनौरी में शुक्रवार को शिक्षकों के लिए कला-समेकित शिक्षण पद्धतियों की प्रतियोगिता ‘समृद्धि-2024’ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त वाराणसी संभाग डॉ. शालिनी दीक्षित ने दीप जलाकर संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। प्रिंसिपल मनीष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अब पारंपरिक पढ़ाई से अलग हटकर, कला को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाते हुए छात्रों के लिए शिक्षण रोचक और प्रभावी बनाना आवश्यक है।

इस आयोजन में वाराणसी संभाग के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 60 शिक्षकों ने प्रतिभाग कर शिक्षण कला का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने कला, संगीत, नाटक और दृश्य माध्यमों का उपयोग करते हुए विविध विषयों को पढ़ाने के अनूठे तरीके प्रस्तुत किए। रचनात्मकता, प्रासंगिकता, और प्रस्तुति कौशल के आधार पर प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्णायक पूर्व उपकुलपति इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रो. पीके साहू, प्रवक्ता डायट डॉ. अंबालिका मिश्रा और डॉ. वीरभद्र प्रताप सिंह ने किया। वाइस प्रिंसिपल परम देव यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

‘शिक्षण पद्धतियों में कला का समावेश बेहद महत्वपूर्ण’

Rating: 4.5
Diposkan Oleh:
Updatemarts

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment