नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े निजी क्षेत्र के कर्मियों के ईपीएफ खाते की दावेदारी (क्लेम सेटलमेंट) को सहज बनाने के लिए आधार को ही सत्यापन का सबसे प्रामाणिक और सर्वमान्य दस्तावेज बनाए जाने की तैयारी है।
ईपीएफ दावे से जुड़े दस्तावेजों में विसंगतियों के कारण बड़ी संख्या में लंबित रहने वाले दावों का समाधान निकालने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। श्रम मंत्रालय ने भुगतान के दावे का निपटान करने की प्रक्रिया में दस्तावेजों की जटिलताएं खत्म करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को आधार को ही पहचान संबंधी दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने को कहा है। मंत्रालय को उम्मीद है कि इससे ईपीएफ खाताधारकों के दावों को न केवल सहूलियत होगी बल्कि दावों के निपटारों की प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घटेगा।
ईपीएफ दावों के निपटान में देरी को घटाने के लिए श्रम मंत्रालय ने किसी आवेदन के 30 दिन से अधिक लंबित होते ही उसे स्वतः संगठन की फास्ट ट्रैक प्रक्रिया में लाने की प्रक्रिया भी शुरू करने को कहा है। केंद्रीय श्रम और रोजगार सचिव सुमिता डावरा ने ईपीएफओ के कामकाज की समीक्षा की है।
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