पीलीभीत : फिरौती के लिए पांचवीं कक्षा के छात्र का अपहरण करने वाले सूरजपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। दोषी सूरजपाल नाम बदलकर स्कूल में शिक्षक बन गया था। वह सभी को अपना नाम अंकित त्रिपाठी बताता था। मुठभेड़ में उसकी गिरफ्तारी हुई तब सच सामने आया। 12 वर्ष पुराने इस घटनाक्रम में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने निर्णय सुनाया।
गांव मुड़िया हुलास के कृषक वेदपाल गंगवार का 12 वर्षीय बेटा राजीव सनातन धर्म शिशु मंदिर में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। 18 जुलाई 2022 को उसका अपहरण कर लिया गया। अगले दिन वेदपाल को सुराग मिला कि शिक्षक अंकित त्रिपाठी
उनके बेटे को कहीं ले गया है। इस बीच फिरौती के लिए पत्र भी दरवाजे पर फेंका गया। फिरौती के 2.10 लाख रुपये लेकर वह बाग में पहुंचे। बदमाशों के बताए स्थान पर पहुंचकर वेदपाल ने रुपये देकर बेटे को अपने बुला लिया। मुठभेड़ के दौरान फिरौती लेने वाले दोनों बदमाश डोरीलाल व सूरजपाल को पकड़ा गया था। दोनों पर अपहरण, जानलेवा हमला, अवैध असलहा रखने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। चार्जशीट में पुलिस ने उल्लेखित किया कि फिरौती का मास्टरमाइंड सूरजपाल था। उसने कुछ वर्ष पहले सनातन धर्म शिशु मंदिर में नाम बदलकर शिक्षक की नौकरी पा ली थी। वह खुद को गजरौला निवासी अंकित त्रिपाठी बताता था।
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