ब्रिटेन की ह्यूमन फर्टिलाइजेशन एंड एम्ब्रियोलॉजी अथॉरिटी (एचईएफए) ने खुलासा किया है कि प्रयोगशाला में विकसित मानव अंडे और शुक्राणु की तकनीक वास्तविकता बनने के करीब है। जल्द ही बिना स्त्री पुरुष के ही बेबी पैदा हो सकेगा। लैब में अंडे और शुक्राणु का विकास एक दशक के भीतर वास्तविकता बन सकती है। इन-विट्रो गैमेट्स या आनुवंशिक रूप से पुनः प्रोग्राम की गई त्वचा या स्टेम कोशिकाओं से प्रयोगशाला में निर्मित अंडे या शुक्राणु पर शोध चल रहा है।
■ ब्रिटेन की संस्था ने किया खुलासा
■ 10 साल के अंदर मिल सकती है बड़ी सफलता
संस्था के सीईओ पीटर थॉम्पसन ने कहा कि इन-विट्रो गैमेट्स (आईवीजी) में मानव शुक्राणु और अंडे की उपलब्धता को काफी हद तक बढ़ाने की क्षमता है। अगर यह सुरक्षित, प्रभावी और सार्वजनिक रूप से स्वीकार्य साबित होता है तो इससे आनेवाले दिनों में बड़ा लाभ होगा।
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