अटल आवासीय विद्यालय के छात्रों को मिली नई पहचान, अब कहलाएंगे राज्याश्रित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक पहचान देने की पहल की है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) कार्यालय में बृहस्पतिवार को आयोजित अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब तक निराश्रित/अनाथ कहे जाने वाले विद्यार्थी अब राज्याश्रित कहलाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम ने की। डॉ. सुंदरम ने बताया कि यह निर्णय विद्यार्थियों को आत्मगौरव और सम्मानजनक सामाजिक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। एक अन्य निर्णय में अगले शैक्षणिक सत्र
2026-27 से प्रवेश परीक्षा सेंट्रलाइज एंट्रेंस टेस्ट (सीबीएसई) के माध्यम से आयोजित की जाएगी ताकि सभी विद्यालयों में चयन प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे। प्रत्येक विद्यालय में इनोवेशन लैब भी बनाई जाएगी।
समिति ने सभी छात्र-छात्राओं को हेल्थ इंश्योरेंस के दायरे में लाने का भी निर्णय लिया है। बैठक में हॉस्टल व्यवस्था, पोषण, खेलकूद और सह-पाठयक्रम गतिविधियों से संबंधित सुधारों पर
भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर अटल आवासीय विद्यालयों को देश के मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के रूप में विकसित करें। श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही, महानिदेशक अटल आवासीय विद्यालय पूजा यादव, नवोदय विद्यालय समिति के बीके सिन्हा सहित वित्त, कार्मिक एवं शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद थे। ब्यूरो
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