टीईटी में आरक्षित शिक्षकों के अर्हता अंक पर विवाद
प्रयागराज,
। दो से चार जुलाई तक प्रस्तावित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) में आरक्षित वर्ग के कार्यरत शिक्षकों के अर्हता अंक को लेकर विवाद बढ़ने लगा है। सुप्रीम कोर्ट के एक सितंबर 2025 के आदेश पर 2011 से पहले नियुक्त देशभर के कक्षा एक से आठ तक के सरकारी शिक्षकों को टीईटी पास करना है। इससे पहले तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी टीईटी की अधिसूचना में आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग) के शिक्षकों को अर्हता अंक में दस से 20 प्रतिशत अंकों तक की छूट प्रदान की गई है।
उससे पहले राजस्थान सरकार ने भी सेवारत आरक्षित वर्ग के शिक्षकों को टीईटी के अर्हता अंक में दस से 20 प्रतिशत तक अंकों में छूट दी है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी आरक्षित वर्ग के शिक्षकों ने अर्हता अंक में छूट देने की मांग की है। शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव को प्रत्यावेदन भेजकर विज्ञापन में संशोधन की मांग की है।
इन शिक्षकों का तर्क है कि राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 11 फरवरी 2011 की गाइडलाइन में शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अंकों का जिक्र है जिसमें आरक्षित वर्ग के शिक्षकों को अर्हक अंक में छूट दी गई है। हालांकि यूपी-टीईटी 2026 में कार्यरत आरक्षित वर्ग के शिक्षकों को अर्हक अंक में सिर्फ 5 प्रतिशत की छूट दी गई है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






