राज्य सरकार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में 10 सालों में 10 लाख सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना कराएगी। हर साल एक लाख ऐसी इकाइयां खोलकर युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। पहले चरण में पांच लाख रुपये तक की इकाई लगाने वालों को अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में अर्थ-व्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान है। कृषि क्षेत्र के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग सर्वाधिक रोजगार देता है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान मिशन मोड पर चलाया जाएगा। जिलों में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र केंद्रीय एजेंसी होगा। इसके लिए कक्षा आठ पास वाले पात्र होंगे। इंटरमीडिएट और समकक्ष को वरीयता दी जाएगी। सरकार से प्रशिक्षण प्राप्त वाले पात्र होंगे। मान्यता प्राप्त विद्यालय, शैक्षिक संस्था से कौशल संबंधी कोर्स, डिप्लोमा या डिग्री वाले भी पात्र होंगे। अधिकतम पांच लाख की परियोजना पर अनुदान मिलेगा। पांच लाख से अधिक 10 लाख तक के लिए लाभार्थी को खुद इंतजाम करना होगा।
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