मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि एक शिक्षक ट्रेड यूनियन का हिस्सा नहीं हो सकता है, उसे बनना भी नहीं चाहिए। यह शिक्षक की गरिमा के प्रतिकूल है। जब भी शिक्षक खुद को ट्रेड यूनियन का हिस्सा बनाने का प्रयास करेंगे तो अपने सम्मान के साथ स्वयं खिलवाड़ करेंगे।
मुख्यमंत्री, गुरुवार को शिक्षक दिवस पर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य पुरस्कार वितरित करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। समारोह में बेसिक शिक्षा विभाग के 41 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 13 शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया।
सभी शिक्षकों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से पुरस्कृत किया। अलीगढ़ के शिक्षक मूलचंद के पैर में चोट होने का चलते मुख्यमंत्री ने खुद उनके पास जाकर पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि अपनी मांग को रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से हैं। आज तो डिजिटल माध्यम से ईमेल से भी मांगपत्र भेजे जा सकते हैं। अधिकारियों को भेजने के साथ या उसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरलता से लिखा हुआ, मुद्दों पर आधारित आपका ज्ञापन आदेश होगा, भीख नहीं होगी।
शिक्षकों की मदद लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि इन पुरस्कृत शिक्षकों की सेवा एससीईआरटी (स्टेट काउंसिल ऑ़फ एजुकेशनल रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग) के पाठ्यक्रमों और पुस्तकों के लिए ली जाए। बच्चों को सरलता से विषय वस्तु समझाने के लिए इन शिक्षकों के अनुभव बहुत सहायक होंगे।
आयोग में प्रतिनिधि बनें
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कृत शिक्षकों को शिक्षा सेवा चयन आयोग में भी प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने नई मंजिल तय की है। इसके अनुरूप हमें परंपरागत पाठ्यक्रम ही नहीं नवाचार की भी आदत डालनी चाहिए।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






