प्रयागराज। यूजीसी की ओर से पीएचडी और एमफिल इंक्रीमेंट समाप्त किए जाने के विरोध में नई दिल्ली में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) कार्यालय के सामने दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया। जिसमें ऑक्टा अध्यक्ष प्रो. उमेश प्रताप सिंह, आटा अध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी और ऑक्टा कोषाध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र यादव भी शामिल हुए। यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय के शिक्षक विरोधी कदमों का पुरजोर विरोध करने के लिए समर्थन पत्र सौंपा।
प्रो. उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि यूजीसी के अपने ही रेगुलेशन के विरोध में पत्र निकालना विरोधाभासी और हास्यास्पद है, इससे पूरे देश के कई हजार शिक्षक प्रभावित होंगे। प्रो. सिद्दीकी ने कहा कि शोध करने में अधिक समय लगने के कारण ही शिक्षकों की नौकरी पाने की औसत आयु अधिक होती है जिसके कारण पीएचडी और एमफिल का इंक्रीमेंट दिए जाने का प्रावधान किया गया।
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