बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के समय परिवर्तन की आवश्यकता, कोरोना महामारी के दौरान निर्धारित की गई थी समय सारिणी , अब प्रासंगिक नहीं

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 बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के समय परिवर्तन की आवश्यकता

उत्तर प्रदेश में संचालित बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का समय निर्धारण, वर्तमान परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। “टाइम एंड मोशन” के तहत विद्यालयों का समय निर्धारण, छात्रों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। वर्तमान समय-सारिणी, जो कोरोना महामारी के दौरान निर्धारित की गई थी, अब प्रासंगिक नहीं रही।

वर्तमान समय-सारिणी और इसकी समस्याएं

कोरोना काल के दौरान छात्रों की पढ़ाई में हुए नुकसान को पूरा करने के लिए विद्यालयों का समय 6 घंटे तक बढ़ा दिया गया था। लेकिन अब, पांच साल बाद, वह समयावधि छात्रों और शिक्षकों के लिए कष्टकारी साबित हो रही है। 

वर्तमान समय-सारिणी के अनुसार:

1. गर्मियों में (1 अप्रैल से 30 सितंबर) विद्यालय का समय प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक है।

2. सर्दियों में (1 अक्टूबर से 31 मार्च) समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक है।

हालांकि, कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पंखों की अनुपलब्धता के कारण छात्रों को भीषण गर्मी में पढ़ाई करनी पड़ती है। विशेष रूप से, अक्टूबर माह में अत्यधिक गर्मी के चलते, यह समय छात्रों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

समय परिवर्तन की आवश्यकता

नई शिक्षा नीति और समय के बदलते परिवेश को ध्यान में रखते हुए, छात्रों और शिक्षकों के लिए समय-सारिणी में परिवर्तन आवश्यक है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

1. स्वास्थ्य समस्याएं: छोटे बच्चों के लिए भीषण गर्मी में लंबे समय तक विद्यालय में रहना हानिकारक है।

2. ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याएं: गांवों में बिजली की कमी और कम वोल्टेज की समस्या के कारण, गर्मियों में विद्यालयों का संचालन चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

3. शैक्षणिक घंटे: राष्ट्रीय शैक्षिक अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के अनुसार, कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए 800 घंटे और कक्षा 6 से 8 तक के लिए 1000 घंटे की आवश्यकता है। वर्तमान समय-सारिणी इस नियम से अधिक है।

समय परिवर्तन का प्रस्ताव

समय परिवर्तन के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए जा रहे हैं:

1. गर्मियों का समय: 1 मार्च से 31 अक्टूबर तक प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक।

2. सर्दियों का समय: 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक।

यह परिवर्तन छात्रों और शिक्षकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने में सहायक होगा।

माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का समय बदलने का आदेश जल्द से जल्द जारी करें। यह निर्णय छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के हित में होगा औ

र शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक कदम साबित होगा।

धन्यवाद।

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के समय परिवर्तन की आवश्यकता, कोरोना महामारी के दौरान निर्धारित की गई थी समय सारिणी , अब प्रासंगिक नहीं

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