टीईटी: सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख से 1.86 लाख शिक्षकों की बढ़ी चिंता, शिक्षक बोले अब आर-पार की लड़ाई का समय – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


 

लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.86 लाख शिक्षकों के सामने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता बड़ी चुनौती बनी हुई है। बुधवार को मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, सुनवाई के दौरान कोर्ट के सख्त रुख से शिक्षकों की राहत की उम्मीद कमजोर पड़ती दिखी, जिससे लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है।

पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन शिक्षकों की सेवा पांच वर्ष से अधिक शेष है या जो पदोन्नति चाहते हैं, उनके लिए टीईटी अनिवार्य होगा। कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं। इस बीच शिक्षक कई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। कई महिला शिक्षकों ने सीटेटी पास किया है, लेकिन विवाह के बाद सरनेम बदल जाने के कारण उनकी शैक्षिक डिग्रियों से उनका नाम मेल नहीं खा रहा है। हाईस्कूल प्रमाणपत्र और आधार या पैन कार्ड में नाम अलग होने से सत्यापन में दिक्कत आ रही है।

ऑल इंडिया बीटीसी शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपना लाखों शिक्षक परिवारों के भविष्य पर संकट खड़ा करने जैसा है। शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों के अनुसार हुई थी और 20-25 साल सेवा लेने के बाद उन्हें अयोग्य बताना अन्यायपूर्ण है। सभी शिक्षक व कर्मचारी संगठनों से मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने की अपील की है।

ऑल इंडिया यूनाइटेड टीचर फेडरेशन के महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि विभाग लगातार प्रशिक्षण देकर शिक्षकों को अपडेट कर रहा है, ऐसे में केवल टीईटी को योग्यता का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता। इस फैसले से देश भर के 25 लाख परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और जूनियर सहायक अध्यापकों के लिए कौन-सा टीईटी मान्य होगा। कई शिक्षक जूनियर विद्यालयों में कार्यरत हैं, लेकिन उन्होंने प्राथमिक स्तर का टीईटी पास किया है। ऐसे मामलों में विभाग की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं।

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष निर्भय सिंह ने कहा कि सरकार को व्यावहारिक समाधान निकालते हुए शिक्षकों और उनके परिवारों के हित में निर्णय लेना चाहिए। संगठनों का कहना है कि शिक्षक पहले से बीएलओ ड्यूटी और जनगणना जैसे कार्यों में व्यस्त हैं। ऐसे में टीईटी की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है।

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment

WordPress Emporium Sandbox – Modern & Multipurpose WordPress Theme SanFair – Blog Magazine Elementor Template Kit SanFrancisco – MultiConcept Blog & Magazine WordPress Theme Sanito – Sanitizing and Cleaning WordPress Theme SanJose – Landing Page Santoni – Blog & Magazine Elementor Template Kit Sanubari – Travel & Tour Agency Elementor Template Kit Sanzo | Responsive WooCommerce WordPress Theme Saonara – Ajax Powered Multi-Concept WordPress Theme Sara – WooCommerce WordPress Market Theme