प्रयागराज, । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के राजस्व प्राधिकारियों को दाखिल खारिज की अर्जी तीन माह के भीतर निस्तारित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार के गत नौ जुलाई के सर्कुलर या राजस्व संहिता में नियत तिथि या कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए अर्जी लंबित रखना व्यवहारिक अवमानना होगी। कोर्ट ने प्रदेश के सभी तहसीलदारों व एसडीओ को सर्कुलर का पालन करने और दाखिल खारिज अर्जी तय समय में निस्तारित करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने महेंद्र सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता मनीष ने बहस की। याचिका में रामपुर जिले की मिलक के तहसीलदार को सुखविंदर कौर बनाम महेंद्र सिंह की धारा 209 एच के तहत दाखिल अर्जी तय करने का निर्देश दिए जाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से दाखिल खारिज अर्जी तय करने के लिए बड़ी संख्या में याचिकाएं आने की बात कही तो उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सर्कुलर जारी कर सभी कलेक्टरों, तहसीलदारों व एसडीओ को तय समय में कार्यवाही पूरी करने का निर्देश दिया है। इस पर कोर्ट ने उक्त आदेश दिया है।
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