अभिलेख न मिलने पर शिक्षकों को फर्जी नहीं ठहरा सकते
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने मऊ जिले के पांच सहायक शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि सरकारी कार्यालय में नियुक्ति संबंधी अभिलेख नहीं मिलने मात्र से शिक्षकों की नियुक्ति को फर्जी नहीं माना जा सकता।
न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने शिक्षकों के खिलाफ की गई प्रतिकूल कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। रजनीश उपाध्याय और चार अन्य शिक्षकों ने याचिका दाखिल कर वेतन रोकने और नियुक्तियों को फर्जी बताकर कार्रवाई करने के आदेशों को चुनौती दी थी।
इनकी नियुक्तियां वर्ष 2000 से 2006 के बीच मऊ के सहायता प्राप्त विद्यालयों में हुई थीं। याचियों के अनुसार, उन्हें तत्कालीन बीएसए से अनुमोदन मिला था।
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