बरेली सिरौली। रामनगर ब्लॉक क्षेत्र के गांव आराजी में स्थित सरकारी जूनियर हाईस्कूल में पिछले पांच सालों से किसी अध्यापक की नियुक्ति नहीं की गई है। इस वजह से बच्चों की शिक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस स्कूल में एक शिक्षिका पढ़ाती थीं, लेकिन उनका साल 2020 में स्थानांतरण हो गया। तब से विभागीय अधिकारियों ने यहां किसी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं की है। इसके बजाय, पड़ोसी गांव ब्योंधन बुजुर्ग के स्कूल के शिक्षक पूर्ण प्रकाश शर्मा को इस स्कूल का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। ग्रामीण पिछले पांच सालों से लगातार यहां शिक्षक की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई है। इस स्थिति के कारण स्कूल की शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, और विद्यार्थियों की संख्या भी लगातार घटती जा रही है। अब स्कूल में केवल 41 विद्यार्थी ही बचे हैं।
इस बारे में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) राजेश कुमार ने बताया कि पड़ोसी गांव के एक शिक्षक को स्कूल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उच्चाधिकारियों को इस मामले की सूचना दी जा चुकी है। उन्होंने कहा, “जब नए अध्यापक आएंगे, तभी स्थायी नियुक्ति की जा सकेगी।”
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग की इस लापरवाही के कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, और सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
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